"होनाजी बाळा" च्या विविध आवृत्यांमधील फरक

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ओळ १:
{{विस्तार}}
{{माहितीचौकट व्यक्ती
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| जन्मनाव =
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| मृत्यू_कारण =
| कलेवर_सापडलेले_स्थान =
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| राष्ट्रीयत्व = भारतीय
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| पेशा =
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}}
 
'''होनाजी बाळा''' ([[इ.स. १७५४]] - [[इ.स. १८४४]]) [[पुणे]] येथील रहिवासी. होणाजीचे घराणेच शाहिराचे होते. आजोबा सातप्पा शिलारखाने हा पेशव्यांचा आश्रित व नावाजलेला तमासगीर होता. होनाजी आणि त्याचा मित्र [[बाळा बहिरु]] अशा जोडनावांनी हा कवनप्रकार प्रसिद्ध झाला. रागदारीवर त्यांनी अनेक लावण्या लिहिल्या. त्यांच्या नावावर २५० लावण्या आहेत. काही पोवाड्यांची रचनाही त्यांनी केली.