"भारतामधील उच्च न्यायालयांची यादी" च्या विविध आवृत्यांमधील फरक

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| ''उच्च न्यायालय अधिनियम, १८६१''
| [[उत्तर प्रदेश]]
| [[अलाहाबाद ]]
| [[लखनौ]]
| ९५
| {{दिनांक2|1862|08|14}}
| ''उच्च न्यायालय अधिनियम, १८६१''
| [[महाराष्ट्र]], [[गोवा]], [[ दादरा आणि नगर-हवेली]], [[दमण आणि दीव]].
| [[मुंबई]]
| [[नागपूर]], [[पणजी]], [[औरंगाबाद]]
| ०८
|- valign="top"
| bgcolor=#C1E0FF | '''[[दिल्ली उच्च न्यायालय]]'''<ref name="delhi">[[लाहौर उच्च न्यायालय]] स्थापित २१ मार्च १९१९. न्यायक्षेत्र [[पंजाब प्रांत]] व दिल्ली. ११ ऑगस्ट १९४७ मध्ये वेगळे [[पंजाब उच्च न्यायालय]] भारतीय स्वतंत्र अधिनियम प्रमाणे शिमला येथे स्थापित करण्यात आले. ह्या उच्च न्यायालयाचे न्यायक्षेत्र [[पंजाब]], [[दिल्ली]], [[हिमाचल प्रदेश]] व [[हरयाणा]] होते. १९६६ साली पंजाब राज्याच्या पुनर्गठन मध्ये या न्यायालयास पंजाब व हरयाणा उच्च न्यायालय नाव दिले गेले. {{दिनांक2|1966|10|31}} मध्ये दिल्ली उच्च न्यायालयाची स्थापना करुन त्याचे स्थान शिमला येथे ठेवण्यात आले.</ref>
| {{दिनांक2|1966|10|31}}
| ''दिल्ली उच्च न्यायालय अधिनियम, १९६६''
| ''भारत सरकार अधिनियम, १९३५''
| [[अरुणाचल प्रदेश]], [[आसाम]], [[मणिपूर]], [[मेघालय]], [[नागालँड]], [[त्रिपुरा]], [[मिझोरम]]
| [[गुवाहाटी ]]
| [[कोहिमा]], [[ऐझॉल]] & [[इम्फाल]]. (क्षेत्र मंच :[[अगरतला]] & [[शिलॉँग]])
| २७
| ४०
|- valign="top"
| bgcolor=#C1E0FF | '''[[केरळ उच्च न्यायालय]]'''<ref name="केरळ">त्रावणकोर-कोचीन उच्च न्यायालयाची स्थापना [[७ जुलै]] [[इ.स. १९४९|१९४९]] साली एर्नाकुलम येथे करण्यात आली. केरळ राज्याची स्थापना राज्य पुनर्गठन अधिनियम, १९५६ च्या मार्फत करण्यात आली. या अधिनियमाने त्रावणकोर-कोचीन उच्च न्यायालय बरखास्त करुन केरळ उच्च न्यायालयाची स्थापना केली. </ref>
| १९५६
| ''राज्य पुनर्गठन अधिनियम, १९५६''
| {{दिनांक2|1862|08|15}}
| ''उच्च न्यायालय अधिनियम, १८६१''
| [[तामीळनाडूतमिळनाडू]], [[पुडुचेरी]]
| [[चेन्नई]]
| [[मदुरै]]
|}
{{Politics of India}}
 
 
 
 
 
==संदर्भ==
<references/>
 
[[वर्ग:भारतातील उच्च न्यायालये|*]]